संदेश

September 28, 2008 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

तू ही नैया पार लगाना

चित्र
चिलचिलाती धुप में पसीने से तरबतर राहुल गाँधी ने श्रम दान के जरिये भारत के नौजवानों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले देश के ९० फीसद मजदूरों के बीच शाही परिवार की बढती दूरियों को कम करने की कोशिश की है। कांग्रेस के मीडिया प्रभारियों के पास इस बार ऐसी कई तस्वीरें होंगी जिसका इस्तेमाल वे आने वाले लोक सभा चुनाव के वक्त कर सकते हैं । भारतीय जनता पार्टी के शाइनिंग इंडिया के चमकदार और भडकदार चुनावी विज्ञापनों को" कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ "जैसे नारों ने धो के रख दिया था । यह अलग बात है कि पिछले चार वर्षों के कांग्रेस के शाशन में सबसे ज्यादा धोखा आम आदमी के साथ ही हुआ है । वाम दलों ने इस बार कांग्रेस से यह नारा छिनकर इसमे थोड़ा संसोधन कर के पेश किया है । "कांग्रेस का हाथ अमेरिका के साथ" । मैडम सोनिया गाँधी के कोटरी के कुछ लीडर मैडम को यह समझाने की जी तोड़ कोशिश कर रहे है कि परमाणु समझौते ही कांग्रेस की नैया पार कर सकती है । लेकिन दिल है कि मानता नहीं । सोनिया जी को पता है कि जिस तबके को परमाणु सझौते से सीधा लाभ होने वाला है वो कभी वोट करता नहीं , यानि इन मतदादा…