आल इज वेल प्रधानमंत्री जी


उत्तर प्रदेश के एसेम्बली चुनाव में यह नारा खूब बजा "राहुल जी को लाना है देश को बचाना है ".कोंग्रेसी क्षत्रपों ने अपनी ओर से यह इशारा दे दिया था कि अगर उ प्र में कांग्रेस सत्ता में लौटती है तो राहुल जी देश की कमान संभल लेंगे .लेकिन सारे ख्वाब धरासायी हो गए .और तो और पांच राज्यों के चुनाव में सबसे ज्यादा दुर्गति कांग्रेस को ही झेलनी पड़ी .पंजाब तो मानो हाथ से निकल गयी तो उत्तराखंड ने  सत्ता के जोड़ -तोड़ में उलझा दिया .मणिपुर में हैट्रिक   कोई कामयाबी दर्ज नहीं करा पायी .गोवा में कांग्रेस को सत्ता से बाहर निकाल कर लोगों ने यह संकेत दे  दिया है कि आने वाले वक्त में देश में भ्रष्टाचार सबसे बड़ा मुद्दा होगा .
लेकिन कांग्रेस के खिलाफ उठे जन विरोध से बेखबर अपने प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन पूरी तरह से आश्वस्त है .नेहरु जी के बाद वे ऐसे पहले प्रधानमंत्री होंगे जिन्हें देश सेवा करने का सबसे ज्यादा मौका मिल रहा है .जाहिर है उनका "टीना" फैक्टर दिनों दिनों और मजबूत हो रहा है .टीना यानी देयर इज नो अल्टरनेटिव इस बात को मनमोहन सिंह बेहतर जानते है .यही वजह है कि अरबो रूपये के घोटाले सामने आने के वाबजूद कांग्रेस में सत्ता परिवर्तन की बात करने वाला कोई नहीं .एक उम्मीद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में  राहुल गाँधी से दिखी थी हालिया  चुनाव नतीजो ने उन उम्मीदों पर पानी फेर दिया .यु पी चुनाव के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री प्रकाश जसवाल कहते थे "राहुल जी जब चाहे प्रधानमंत्री बन सकते है , वो बारह बजे रात में भी  प्रधान मंत्री बनना चाहेंगे तब भी उनके लिए मुश्किलें नहीं आएँगी .फिर मुश्किल क्या है ?प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को करीब से जानने वाले कहते है "उन्हें अर्थशास्त्री के रूप में कुछ ज्यादा आका गया है जबकि राजनीतिज्ञ के रूप में उन्हें कम आँका गया है जबकि वे राजनीतिज्ञ ज्यादा और अर्थशास्त्री कम है " चुनावी दौरा में कम यकीन रखने वाले प्रधानमंत्री सिंह ने पंजाब और उत्तरप्रदेश में कुछ गिने चुने जगहों पर चुनावी भाषण दिया था लेकिन हर जगह उनके उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा .यानी देश के आम वोटरों से उनका कोई कनेक्सन नहीं है फिर भी लगातार ७ साल से १.५ अरब की आवादी वाले मुल्क पर शासन कर रहे है .संसद और संसद से बाहर ,कोर्ट से लेकर सड़क पर लोग भले ही उनकी सरकार के खिलाफ सख्त टिपण्णी आती रही लेकिन कभी उन्होंने सफाई देने की जरूरत भी नहीं समझी .यानी प्रधानमंत्री जी को पता है  कांग्रेस के सामने जबतक ये मुश्किलें रहेगी तबतक आल इज वेल .

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