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अमित शाह : यानी पी एम मोदी के आडवाणी

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गुजरात असेंबली इलेक्शन के दौरन पत्रकारों के बीच ऑफ द रिकॉर्ड बात  करते हुए अमित शाह से मैं ने पूछा था कि लोगों की बढ़ती उम्मीदें इस बार पार्टी को नुकसान पंहुचा सकती  है? सौराष्ट्र के इलाके में मैंने लोगों से ये नाराजगी सुनी थी। गर्मी के सीजन में कई इलाकों में रोज पानी नहीं पहुँच पाता था । जबकि कुछ  साल पहले तक इन इलाकों में हफ्ते में एक बार पानी उपलब्ध होना बड़ी बात होती  थी। तब यहाँ टैंकरों से पानी भेजा जाता था। अब हर घर तक पाइप लगे हैं। अमित शाह का जवाब था " लोगों में एस्पिरेशन बढ़ना ,लोगों को तरक्की के साथ चलना  ही तो हमारे लिए परिणाम लाता हैं। बीजेपी दूसरे पार्टी से अलग क्यों है क्योंकि इससे लोगों की उम्मीदे जुडी हैं। जाहिर है नाराज भी वे हम से ही  होंगे। " आप माने या न माने गुजरात में निश्चिन्त भाव से उन्हें चुनाव लड़ते देख यह जरूर लगा था कि अमित शाह इस दौर में प्रधानमंत्री मोदी के बाद  सबसे जीनियस राजनीतिज्ञ हैं।
विविधताओं से भरे इस देश के  सियासी समाजी मिजाज को समझने वाला व्यक्ति पहले पार्टी अध्यक्ष फिर  गृह मंत्री बना है तो माना जाएगा कि यह मोदी सरकार का महत्वपूर्ण फैसला …