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vinod mishra ka blog: पाकिस्तान की हालत देखकर हमारा दिल क्यों नहीं पसीजता

पाकिस्तान की हालत देखकर हमारा दिल क्यों नहीं पसीजता

पाकिस्तान की हालत देखकर हमारा दिल क्यों नहीं पसीजता

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 पूरी दुनिया नए साल के जश्न डूबी हुई थी लेकिन उसी दुनिया के एक कोने में इन्शानियत चीत्कारें मार रही थी . क्या बच्चे क्या जवान ठीक १ जनबरी को हुए धमाके ने पाकिस्तान में १२५ से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी . नए साल के मोके पर वोलीबोल मैच का आनंद उठा रही भीड़ पर फिदायीन हमले करके कुछ आतंकवादियों ने हजारो लोगों की खुशिया एक पल मे छीन ली . पाकिस्तान के अलग अलग इलाके मे हुए आतंकवादी हमले मे पिछले साल १०००० से ज्यादा लोग मरे है .लेकिन भारत मे हम इस बात से दुखी होने के वजाय खुश है कि पाकिस्तान में आज उन्ही के जूते उन्ही के सर बज रहा है . हमारे राजनितिक समीक्षक हमें बता रहे है कि ब्लीडिंग इंडिया बाय थौसंड्स कट्स की पालिसी पाकिस्तान पर भारी पर रही है . हम इसलिए भी खुश हो रहे है कि जिस विष बेल को पाकिस्तान ने बड़ा किया वही आज पाकिस्तान को डस रहा है . इस्लामाबाद से लेकर लाहोर तक पेशावर से लेकर कराची तक पाकिस्तान का शायद ही कोई शहर है जो आतंकवादी हमले से लहुलाहन न हो . आर्मी हेड कुअर्टर से लेकर पुलिस छावनी ,आई एस आई के दफ्तर से लेकर मस्जिद तक हर प्रतिष्ठान धमाको से दहल रहा है . इस्लामिक देश पाकिस्त