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मार्च 17, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

राहुल गाँधी जी ! पार्टी बदलिए ,देश बदल चूका है

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के चुनावी भाषण से अगर चौकीदार,आर एस एस ,रफाल ,अनिल अम्बानी निकाल दें तो उन्हें उत्साहित भीड़ को बताने के लिए शायद ही कुछ बचता है। राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष , 50 साल से ज्यादा हुकूमत करने वाली पार्टी अगर मोदी फोबिया से ग्रसित है, उसके पास यंग इंडिया के लिए कुछ आईडिया नहीं है तो यकीन मानिये इस पार्टी का फिलहाल कोई भविष्य नहीं है। यह मैं नहीं कह रहा हूँ यह राहुल के महागठबंधन वाले बता रहे हैं। बिहार में आज उपेंद्र कुशवाहा को पांच और कांग्रेस को 9 सीट गठबंधन से मिली है। उत्तर प्रदेश ने इन्हे दो सीट लो वरना 80 सीटों पर खड़े होने से तुम्हे कौन रोक रहा। यह कहकर राहुल को ललकारा जा रहा है तो यकीन मानिये कांग्रेस पार्टी नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चाबंदी में खुद फस गयी है। पिछले 30 वर्षों से बीजेपी को रोकने यानी साम्प्रदायिक शक्तियों को रोकने का एक मात्र फार्मूला इस देश में इतना कारगर हुआ जितना लोहिया जी का "जिसकी जितनी आवादी उसकी उतनी भागीदारी" और इंदिरा जी का वो कहते हैं "इंदिरा भगाओ मैं कहती हूँ गरीबी हटाओ" जैसे नारे भी इतने वक्त तक चम

विपक्षी पार्टियों के मुद्दे किसने चुराया : क्या चौकीदार ही चोर है या विपक्षी निकम्मी

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और देश के सबसे महँगा वकील कपिल सिब्बल जब इतनी सस्ती बात करते हैं कि मोदी के रहते देश में  सभ्य और सम्मान देने वाले  राजनितिक वातावरण मुश्किल है। जबकि  दूसरे कांग्रेसी नेता पी एम को नीच से संबोधित करते हैं । एक प्रवक्ता मोदी का मतलब मसूद अज़हर ,ओसामा और दाऊद बताते  है,खुद जब पार्टी अध्यक्ष  राहुल गांधी ,पी एम को चोर  बताते हैं। तो यकीन मानिए यह शुरुआत सोनिया गाँधी ने की थी। एक एलिट फैमिली और पार्टी कांग्रेस की पूर्व अध्यक्षा सोनिया गाँधी ने ही नरेंद्र मोदी को मौत के सौदागर कहकर अपने सलहकारों और शगिर्दों को उन्हें अपमानित भाषा प्रयोग के लिए उकसाया था । आधी शताब्दी से ज्यादा देश पर राज करने वाली पार्टी का  एक गरीब परिवार में जन्मे मोदी के प्रति यह फ्यूडल सोच को दर्शाता है ? या फिर मोदी जैसे नेता ने  देश में कांग्रेस यानी सत्ता पर काविज रहने वाली व्यवस्था के खिलाफ क्रांति लाकर उन्हें जमीनी हकीकत से पहलीबार परिचय कराया था। पहलीबार कांग्रेस 44 सीट पर सिमट गयी थी।  पहलीबार बी पी सिंह ने गाँधी परिवार पर सीधे भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर उन्हें कठघरे में खड़ा कर दिया थ