संदेश

अगस्त 18, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अरुण जेटली : गीता के कर्मयोगी जिसका जो बन पड़े करते रहो

चित्र
एक साल ही तो हुए हैं ,एम्स से  एक मेडिकल बुलेटिन रिलीज़ हुई थी। अटल जी नहीं रहे। 15 दिन पहले ऐसी ही बुलेटिन आयी सुषमा जी नहीं रही। इसी अगस्त महीने में  एम्स के एक और बुलेटिन देखकर स्तब्ध हूँ। निःशब्द हूँ कि अरुण जेटली का देहांत हो गया। प्रमोद महाजन ,अनंत कुमार ,सुषमा जी फिर अरुण जेटली का यूँ चले जाना बीजेपी की क्षति से ज्यादा देश के लिए उस विचार का अंत हो जाना है जिसने राजनीति में लोकतांत्रिक व्यवस्था में बहस की ताकत को आम लोगों के बीच रखा। अटल जी की यह दूसरी पीढ़ी थी ,जो संसद और संसद के बाहर अपनी बुद्धिमता ,बाकपटुता और तर्कों से विचारधारा से अलग अपनी धारा बनांते हुए नज़र आते थे ।जिसमे घोर विरोधी भी हिचकोले खाने लगते थे।अरुण जी एक विचार थे ,एक संस्था थे, इससे ऊपर वो अपने युग के आखिरी कड़ी थे। जिसमे आइडियोलॉजी संवाद बनाने ,संपर्क बढ़ाने में कभी आड़े नहीं आयी। अपने पार्टी के लोग कभी कभी यह सवाल भी उठाते थे ,किसके हैं अरुण जेटली ? गीता के कर्मयोगी की तरह समभाव का जीवन दर्शन ,जिसका जो बन पड़े करते रहो।   लम्बे अंतराल के बाद बजट सेशन में इस बार जाने का मौका मिला।

कश्मीर " गले का नस" या नैरेटिव : चौकीदार मोदी ने पाकिस्तान के तर्क बदल दिए हैं

चित्र
 जर्जर माली हालात के बीच कश्मीर -कश्मीर करके पाकिस्तानी हुकूमत ने  अपने गरीब अवाम को गुमराह करने का एक और मौका ढूंढ लिया है । 70 साल से पाकिस्तान के हुकुमरानों और फौज के लिए "भारत" निशाने पर होता था आज आर एस एस और मोदी हैं और आरोप इस बार मानवाधिकार हनन नहीं धारा 370 और 35 A है। जो पाकिस्तान अब तक कश्मीर का भारत में विलय को नहीं स्वीकारता उसे भारत के संविधान के धाराओं से क्या लेना देना ? कल अगर भारत के लोग भारत के  विभाजन के मसौदे (१९४७) को मानने से इंकार कर दे फिर पाकिस्तान की हुकूमत और फौज  का क्या तर्क होगा ? मेजर मस्तगुल (आतंकवादी ) से लेकर मुशर्रफ तक कश्मीर ,भारत के खिलाफ  पाकिस्तान के प्रोपगैंडा और नैरेटिव का कारगर हथियार रहा है जिसकी बदौलत पाकिस्तान की  हर  हुकूमत अपनी उम्र पूरा करती रही है कुछ फौज की बूटों के नीचे रौंदी जाती रही है । लेकिन आज भारत में  कुछ डाइनेस्टी पत्रकार और नेता कश्मीर को लेकर सेंसेशन बना रहे हैं। उनकी इस उत्तेजना में जमीनी सच्चाई कम और नैरेटिव ज्यादा है और वे पाकिस्तान के प्रोपगैंडा फॉर्मूले को पुख्ता बना रहे हैं। यानी आने वाले दिनों में मोदी सरक