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vinod mishra ka blog: जनसँख्या बिस्फोट या दोगली सियासत का नतीजा

vinod mishra ka blog: जनसँख्या बिस्फोट या दोगली सियासत का नतीजा

जनसँख्या बिस्फोट या दोगली सियासत का नतीजा

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विश्व जनसँख्या दिवस पर भारत में भी बढती आवादी को लेकर चिंता व्यक्त की गई । लेकिन चिंता व्यक्त करने का अंदाज़ कुछ निराला था । विज्ञानं भवन के शानदार हाल में बढती आवादी की चर्चा के बीच हैल्थ मिनिस्टर गुलाम नबी आजाद की तारीफ़ और उनकी क्षमता का यशोगान होता रहा लेकिन पहल की बात कही खो गई । मंत्री के पास समस्या के समाधान के लिए कई उपाय थे कई फोर्मुले थे लेकिन सबसे असरदार उपाय यह था कि गाँव में बिजली पहुचने चाहिए ,टेलीविजन पहुचने चाहिए ताकि लोग मनोरंजन के दुसरे विकल्प में मसरूफ हो सके । उन्होंने कानून का सहारा लेकर जनसंख्या पर नियंत्रण की बात को पुरी तरह से खारिज किया । सरकार के पास कोई ठोस निति नही है ,जनसँख्या रोकने की दृढ़ इच्छाशक्ति नही है इस हालत में जनसँख्या पर कैसे कंट्रोल हो ये एक बड़ा सवाल है । संसद में इस समस्या को लेकर बहस होनी चाहिए लेकिन सब खामोश है । जनसँख्या की भयावहता को इस तरह समझा जा सकता है । पूरी दुनिया का महज २.४ फीसद क्षेत्र भारत के पास है जबकि जनसँख्या के मामले में भारत का यह सरोकार १७ फीसद से ज्यादा है । यानि एक अरब १४ करोड़ ५० लाख की आवादी को लेकर हम सिर्फ़ चीन से पीछ...

vinod mishra ka blog: सेकुलर नरेन्द्र मोदी या एन जी ओ का खौफ

vinod mishra ka blog: सेकुलर नरेन्द्र मोदी या एन जी ओ का खौफ

सेकुलर नरेन्द्र मोदी या एन जी ओ का खौफ

.... नरेन्द्र भाई मोदी एक बार फ़िर चर्चा में है । चुनावी मौसम में नरेन्द्र मोदी की चर्चा भारतीय राजनीती का एक अपरिहार्य हिस्सा बन गई थी । नरेन्द्र मोदी को जी भर गरियाने के बाद ही कोई नेता सेकुलर होने का रुतबा पाता है .अगर उसने नरेन्द्र मोदी की तारीफ़ की तो उसे कोम्मुनल माना जाता है लेकिन इस कोम्मुनल सेकुलर सियासी जुमले ने आखिरकार नरेन्द्र मोदी को भी पीछे मुड़कर देखने के लिए मजबूर कर दिया है । अहमदाबाद में पिछले साल नरेन्द्र मोदी के बुल्डोजेर सड़क के किनारे जहाँ तहा बने मंदिरों को धराशायी कर रहे थे , तब भी किसीने मोदी को सेकुलर नही कहा । हाँ मीडिया में यह ख़बर जरूर आई कि मोदी गांधीनगर इलाके में एन्क्रोअचमेंट ड्राइव चलाकर आडवानी जी की मुश्किलें बढ़ा रहे है । लेकिन इस बार मोदी ने जस्टिस बी जे सेठना के नेतृत्वा में एक कमीशन बैठा कर अपनी छवि से बाहर निकलने की कोशिश की है । यह कमीशन गुजरात में दंगों के बाद हुए सामाजिक और धार्मिक ध्रुवीकरण के कारणों का पता करेगा । पिछले वर्षों से मोदी गुजरात के निर्विरोध नेता रहे है । गुजरात और गुजरात से बाहर उन्हें हिंदू हिर्दय सम्राट कह कर हर चुनाव के मोके पर ...

vinod mishra ka blog: कश्मीर की दोगली सियासत ! निलोफेर और निगीन में इतना फर्क क्यों ?

vinod mishra ka blog: कश्मीर की दोगली सियासत ! निलोफेर और निगीन में इतना फर्क क्यों ?

कश्मीर की दोगली सियासत ! निलोफेर और निगीन में इतना फर्क क्यों ?

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कश्मीर से बहने वाली नदियों की कई धाराएँ है ,लेकिन जब हम सियासी धारा की बात करेंगे तो वहां सिर्फ़ दो धाराएँ है एक भारत की और दूसरा पाकिस्तान की ।लेकिन पिछले वर्षों से भारत की यह सियासी धारा सूखती जा रही है । कह सकते है कि कुंद होती जा रही है । यानि दोगली सियासत और सायकोलोजिकल वार का सामना करने के लिए हमारे हुकुमरानों के तमाम आईडिया फ्लॉप साबित हो रहे है । शोपिया के दो मासूम नीलोफ़र और आइसा की हत्या के बाद कश्मीर में उठा सियासी बबाल थमने का नाम नही ले रहा है । बंद पड़ी अलगाववादियों की दूकान एक बार फ़िर चल पड़ी है । रियासत के मुख्यमंत्री का कद आज सैयेद अली शाह गिलानी ,ओमर फारूक जैसे लीडरों के सामने छोटा हो गया है । पिछले पन्द्रह दिनों से कश्मीर के तमाम कारोबार ठप्प पड़े है । हड़ताली सियासत ने इंतजामिया को पुरी तरह से नाकारा साबित कर दिया है । लोग यह मानने के लिए तैयार नही है कि हत्या की जांच के लिए बनया गया कमीशन सही रिपोर्ट देगी । यानि हुर्रियत लीडर कह रहे है कि फौज ने हत्या की है और सरकार फौरन फौज पर करवाई करे और उन्हें कश्मीर से बाहर करे । फौज को कश्मीर से बहार निकलने की यह बड़ी साजिश हो सक...

vinod mishra ka blog: ममता दीदी ,माओवादी दादा और लालगढ़

vinod mishra ka blog: ममता दीदी ,माओवादी दादा और लालगढ़